EMI Bharein ya Pehle Bachat Karein? 2025 की स्मार्ट फाइनेंशियल प्लानिंग का सही तरीका!

 

“सैलरी आई नहीं, और EMI कट गई!”

क्या आपने भी कभी ऐसा महसूस किया है?

हर महीने सैलरी आते ही सबसे पहले दिमाग में आता है –

“EMI पहले भरूं या पैसे बचाना शुरू करूं?”

अगर आप भी इसी उलझन में हैं, तो घबराइए मत।

आज इस ब्लॉग में हम आपको बताएंगे कि 2025 में एक नौकरीपेशा इंसान को अपनी सैलरी कैसे समझदारी से मैनेज करनी चाहिए।

वित्तीय प्राथमिकताओं की सही क्रमबद्ध योजना (2025 के अनुसार)

1. इमरजेंसी फंड – सबसे पहला कदम

सबसे पहले एक इमरजेंसी फंड बनाइए। यह आपके 3 से 6 महीने के जरूरी खर्चों के बराबर होना चाहिए।

उदाहरण:

अगर आपके महीने का खर्च ₹20,000 है, तो आपको ₹60,000 से ₹1,20,000 तक का फंड बनाना चाहिए।

क्यों ज़रूरी है?

अचानक नौकरी चली जाए, हेल्थ इमरजेंसी आ जाए या कोई अनचाहा खर्च – इस फंड से सब कुछ संभल सकता है।

2. EMI और कर्ज का समय पर भुगतान करें

अब जब आपके पास थोड़ी सुरक्षा राशि हो गई हो, तो अपनी सभी ज़रूरी EMI और लोन को समय पर चुकाना शुरू करें।

क्यों?

लेट EMI से क्रेडिट स्कोर खराब होता है और पेनल्टी भी लगती है। खासकर क्रेडिट कार्ड का भुगतान सबसे पहले करें, क्योंकि उसका ब्याज बहुत ज़्यादा होता है।

3. नियमित बचत की आदत बनाएं (SIP, RD)

हर महीने अपनी सैलरी का कम से कम 20%–30% बचत के लिए तय करें। ऑटोमैटिक SIP या RD शुरू करें ताकि पैसे बचाना आदत बन जाए।

उदाहरण:

अगर आपकी सैलरी ₹30,000 है, तो ₹6,000–₹9,000 हर महीने सेविंग में जाएं।

4. खुद पर निवेश करें – स्किल्स, हेल्थ, बीमा

  • हेल्थ इंश्योरेंस ज़रूर लें।
  • टर्म प्लान लें (₹50 लाख से ज़्यादा का कवर रखें)।
  • कोई नई स्किल सीखें जिससे आपकी इनकम बढ़े।


5. गैरज़रूरी EMI और खर्च टालें

अगर अभी आपके पास इमरजेंसी फंड नहीं है या सेविंग की आदत नहीं है, तो बाइक या नया मोबाइल लेने के लिए EMI मत लीजिए। पहले मजबूत फाइनेंशियल बेस बनाइए।

सैलरी का स्मार्ट बजट – चार्ट के माध्यम से समझें

खर्च का प्रकार

सैलरी का प्रतिशत

         इमरजेंसी फंड

            10%–15% 

          (शुरुआतीफेज़)

          

               EMI                           

       (लोन/क्रेडिट कार्ड)

         अधिकतम 40% तक


        बचत (SIP/RD)


              20%–30%


      बीमा / स्वास्थ्य खर्च

         

               5%–10%


           मासिक खर्च                      (रेंट, फूड आदि)

                बची हुई राशि

स्मार्ट टिप (2025):

Pay Yourself First

– यानी सैलरी मिलते ही पहले खुद की बचत कीजिए। EMI तो भरनी ही है, लेकिन सेविंग की आदत आपके फ्यूचर को बनाएगी।

अगर आपने यह ब्लॉग नहीं पढ़ा है, तो ज़रूर पढ़ें:

पैसा बचाने के 10 आसान तरीके: सैलरी कैसे मैनेज करें? 


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