2025 में Gen Z की नई मनी सोच: डिजिटल, बचत-प्रेमी और कर्ज से दूरी .
लेखक: रविकेश (15 वर्षों का व्यक्तिगत वित्त अनुभव)
अगर आप सोचते हैं कि 20 साल का युवा सिर्फ Instagram Reels और Gaming में व्यस्त है, तो ज़रा रुकिए। 2025 का Gen Z पूरी तरह से बदला हुआ है। मैंने पर्सनल फाइनेंस इंडस्ट्री में पिछले 15 सालों में कई पीढ़ियों की मानसिकता देखी है, लेकिन जितनी तेज़ी से Gen Z ने वित्तीय सोच को अपनाया है, वह अभूतपूर्व है। ये युवा न सिर्फ खर्च करने में होशियार हैं, बल्कि वे डिजिटल साधनों के ज़रिए निवेश, बचत और कर्ज से दूरी जैसे बड़े फ़ैसले भी खुद ही कर रहे हैं।
🔍 कौन हैं Gen Z?
Gen Z उन युवाओं को कहा जाता है जिनका जन्म 1997 से 2012 के बीच हुआ है। 2025 तक इनकी आयु 13 से 28 वर्ष तक होगी। ये इंटरनेट के साथ पले-बढ़े हैं और इनके लिए डिजिटल अनुभव ही ‘नॉर्मल’ है। लेकिन यह पीढ़ी सिर्फ तकनीकी रूप से ही नहीं, बल्कि वित्तीय रूप से भी पहले से कहीं अधिक परिपक्व हो चुकी है।
📈 मेरी पहली मुलाकात एक समझदार Gen Z से
2023 की बात है, एक 22 वर्षीय युवक मेरे पास SIP प्लान के लिए आया। उसने कहा, “सर, मैं 3 साल में यूरोप घूमना चाहता हूं और 7 साल में खुद की एक डिजिटल कंपनी शुरू करनी है।” उसकी स्पष्टता देखकर मैं चकित रह गया। और यहीं से मैंने नोटिस करना शुरू किया—Gen Z अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग में किसी से कम नहीं है।
📊 पुराने ज़माने की तुलना में Gen Z की नई सोच
- पहले: निवेश शादी के बाद शुरू होता था | अब: कॉलेज में SIP चालू
- पहले: बीमा = LIC ही पर्याप्त | अब: टर्म प्लान + हेल्थ कवर अनिवार्य
- पहले: खर्च = EMI ही जीवन है | अब: “No cost EMI” का अर्थ समझना भी जरूरी
- पहले: शेयर मार्केट डरावना | अब: YouTube से सीखकर Demat खोलना आम
📱 डिजिटल टूल्स: फाइनेंस का नया हथियार
अगर 2010 में निवेश करना हो, तो किसी एजेंट से मिलना पड़ता था। लेकिन आज Groww, Zerodha, Kuvera, INDmoney जैसे ऐप्स से कुछ क्लिक में ही SIP, स्टॉक्स, Gold ETF, REITs में निवेश संभव है। Gen Z इन ऐप्स के फीचर्स का पूर्ण उपयोग करता है:
- Auto SIP: महीने की शुरुआत में ही निवेश हो जाए
- Tax Harvesting: लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म गेन का बैलेंस
- Expense Tracker: किस महीने में कहाँ ज़्यादा खर्च हुआ
💡 FIRE मूवमेंट और Minimalism: कम में ज़्यादा
Gen Z का एक बड़ा हिस्सा अब FIRE (Financial Independence, Retire Early) से प्रेरित हो चुका है। वे कम खर्च, ज्यादा सेविंग और स्मार्ट इनकम को प्राथमिकता देते हैं। इसके साथ ही Minimalism का कॉन्सेप्ट उनके जीवन का हिस्सा बन चुका है – यानी दिखावे से दूर, अनुभवों को प्राथमिकता।
💳 क्रेडिट कार्ड और कर्ज को लेकर नई दृष्टि
मेरे कई Gen Z क्लाइंट्स के पास क्रेडिट कार्ड हैं लेकिन उनका उपयोग सीमित है। वे केवल rewards या credit score build करने के लिए कार्ड लेते हैं, लेकिन बकाया समय पर चुका देते हैं। BNPL (Buy Now Pay Later) के चकाचौंध में भी ये सतर्क रहते हैं। ये सोच उनकी मजबूत मानसिकता दर्शाती है – वे जानते हैं कि कर्ज सुविधाजनक है, लेकिन जोखिम भरा भी।
📚 फाइनेंशियल लिटरेसी की ताकत
आज का Gen Z सिर्फ कॉलेज या स्कूल से नहीं, Instagram Reels, YouTube Shorts, Podcasts और Reddit थ्रेड्स से भी सीख रहा है। हालांकि गलत जानकारी का भी खतरा बना रहता है, लेकिन इनमें से कई लोग अब SEBI registered advisers से गाइडेंस ले रहे हैं।
🌱 ESG और इथिकल इन्वेस्टिंग
पहली बार मैंने देखा है कि युवा निवेशक मुझसे पूछते हैं – “सर, क्या ये कंपनी पर्यावरण के लिए जिम्मेदार है?” या “इस फंड में ESG compliance है क्या?” ये बताता है कि Gen Z सिर्फ returns नहीं, बल्कि ethics और impact को भी महत्व दे रहा है।
📈 SIP और Direct Mutual Funds में गहरी रुचि
मेरे क्लाइंट्स में से 60% Gen Z अब SIP से निवेश कर रहे हैं। वे index funds को प्राथमिकता देते हैं और “past returns trap” में नहीं फंसते। उनका ध्यान रहता है – low cost, diversified portfolio और goal-based investing पर।
🏠 घर खरीदना या किराये पर रहना?
जहां पुरानी पीढ़ियों के लिए घर खरीदना ‘सपना’ था, वहीं Gen Z इसे ‘flexibility killer’ मानता है। वे mobile हैं – कभी पुणे, तो कभी बेंगलुरु – और यही कारण है कि वे rental living को प्राथमिकता देते हैं।
💻 Side Hustles और Multiple Income Sources
Gen Z सिर्फ एक जॉब से संतुष्ट नहीं है। वे freelancing, affiliate marketing, stock/intraday trading, और digital product selling जैसे अतिरिक्त इनकम स्रोतों पर काम कर रहे हैं।
📊 मेरी सलाह Gen Z को – अनुभव से सीखी 7 बातें
- हर खर्च की कैटेगरी बनाओ: ज़रूरी, इच्छा और निवेश – तीनों में फर्क समझो।
- Emergency Fund = 6 महीने की सैलरी
- Credit score 750+ बनाए रखना जरूरी है
- ELSS से टैक्स बचाओ और wealth भी बनाओ
- हर साल एक बार Term Insurance और Health Cover की समीक्षा करो
- हर निवेश लक्ष्य के लिए अलग SIP
- Shiny object syndrome से बचो: हर trending चीज़ में पैसे मत डालो
🔚 निष्कर्ष: एक जागरूक और जिम्मेदार पीढ़ी
Gen Z अब सिर्फ टेक्नोसेवी नहीं, बल्कि फाइनेंस सेवी भी बन चुकी है। अपने 15 साल के अनुभव से कह सकता हूँ – जिस तेजी से ये पीढ़ी निवेश और बचत को समझ रही है, भारत का आर्थिक भविष्य निश्चित ही उज्ज्वल है। यह पीढ़ी सिर्फ खुद के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश की आर्थिक संरचना को बदलने की क्षमता रखती है।
अगर आप Gen Z से हैं – अपने फाइनेंशियल प्लान को आज ही SMART बनाएं। अगर आप किसी Gen Z को जानते हैं – उन्हें इस लेख को ज़रूर पढ़वाएं।
लेखक परिचय: रविकेश, 15 वर्षों से पर्सनल फाइनेंस, इंश्योरेंस, म्यूचुअल फंड्स और रिटेल इन्वेस्टमेंट से जुड़े हैं। उन्होंने हज़ारों ग्राहकों को फाइनेंशियल आज़ादी की राह पर अग्रसर किया है।
